बैतूल। विश्व मलेरिया दिवस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाड़े द्वारा 25अप्रैल दिन शनिवार को सीएमएचओ कार्यालय से हरी झण्डी देकर मलेरिया रथ को रवाना किया गया।
सीएमएचओ डॉ हुरमाड़े ने बताया कि मलेरिया एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया 5 प्रकार का होता है। बैतूल जिले में प्रमुखतः 2 प्रकार का मलेरिया पाया जाता हैं, पहला है प्लाजमोडियम वाइवेक्स मलेरिया और दूसरा प्लाजमोडियम फेल्सीपेरम मलेरिया। मलेरिया के सामान्य लक्षण हैं, तेज बुखार, सर दर्द, ठंड लगना, कंपकंपी आना, पसीना आना, लेकिन गंभीर स्थिति में उल्टी होना, डायरिया तथा मरीज कोमा में भी जा सकता है और मृत्यु भी हो सकती है।
अतः मरीज को गंभीर स्थिति में जाने से बचाने के लिए अविलंब खून की जांच तथा मलेरिया पाए जाने पर तुरंत उपचार देना आवश्यक है। उपचार से तात्पर्य पूर्ण उपचार से है, वाइवैक्स मलेरिया में 14 दिनों तक उपचार दिया जाता है एवं फेल्सीपेरम मलेरिया में 3 दिनों तक उपचार दिया जाता है। यदि संक्रमित व्यक्ति को मादा एनाफिलीज मच्छर काट ले और यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटे तो मलेरिया फैल सकता है।
मच्छर के काटने से लक्षण प्रकट होने के बीच के समय को इनक्यूबेशन पीरियड कहते हैं तथा यह 9 से 14 दिनों तक का होता है। मलेरिया से लीवर, लाल रक्त कोशिकाएं तथा गंभीर स्थिति में किडनी एवं दिमाग भी प्रभावित होते हैं।
मलेरिया से बचने के उपाय
उन्होंने बताया कि अपने आस-पास पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए, घरों से मच्छरों को भगाने वाले रिपेलेंट एवं क्वाइल तथा क्रीम का उपयोग करना चाहिए, पूरी बांह वाले कपड़े पहनना चाहिए, सोते समय मच्छरदानियों का प्रयोग करना चाहिए, मलेरिया की जांच खून को माइक्रोस्कोप में देखकर एवं रैपिड डायग्नोस्टिक से की जाती है।
गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा होता है। मलेरिया के मच्छर रुके हुए साफ पानी में, गड्ढे में, धीमी गति से बहने वाली नदी, झरनों के पानी में, दलदली जगहों, चावल के खेतों में, जानवर के पैरों से बने गड्ढों में भरे पानी में पनपते है।
अपील
जनसामान्य से अपील की है कि मलेरिया को खत्म करने में सहायक बनें अपने आसपास मच्छरों को न पनपने दें, बुखार आए तो तुरंत खून की जांच करवाएं यदि मलेरिया हो तो पूर्ण उपचार लें, स्वयं भी सजग रहें तथा दूसरो को भी जागरूक करें।
इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय, जिला मलेरिया अधिकारी जितेन्द्र सिंह राजपूत, डीपीएम डॉ विनोद शाक्य, सीएमएचओ कार्यालय स्टाफ, मलेरिया कार्यालय का स्टाफ, बैतूल शहरी स्टाफ आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे।







