आमला। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व का समापन शुक्रवार को श्रीरामनवमी के अवसर पर धूमधाम से हुआ। नगर के विभिन्न देवी मंदिरों और श्रृद्धालुओं के घरों में स्थापित किए गए नौ दिवसीय ज्वारों का विसर्जन पूरे श्रृद्धा भाव और हर्षोल्लास के साथ किया गया।

नगर का भक्तिमय रहा माहौल
दोपहर से ही नगर के माता मंदिरों में श्रृद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद, सिर पर ज्वारे रखे महिलाएं और भजन कीर्तन करते पुरुष विसर्जन जुलूस के रूप में निकले। ढोल-ताशों की थाप और ‘जय माता दी’ व ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।

जुलूस और सुरक्षा व्यवस्था
नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ज्वारे विसर्जन का चल समारोह निकला। इस दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह श्रृद्धालुओं के लिए ठंडे पानी और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर विसर्जन स्थलों (नदियों और तालाबों) पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

विविध आयोजन
श्रीरामनवमी के उपलक्ष्य में मंदिरों में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रृद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। ज्वारे विसर्जन के साथ ही नौ दिनों से चल रहे उपवास का भी समापन हुआ। शाम तक नगर के विसर्जन घाटों पर भक्तों का तांता लगा रहा, जहाँ पूरी मर्यादा के साथ ज्वारों को जल में प्रवाहित किया गया।

मुख्य आकर्षण: जुलूस के दौरान भक्त नाचते हुऐ साथ ही पारंपरिक करतब और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आये। भक्तगण नगरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।







