अनुविभागों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें, एसडीएम फील्ड पर सक्रिय रहें
किसी अधिकारी कर्मचारी की अनुपस्थिति जैसे सामान्य कारणों से भी लोगों के कार्य प्रभावित नहीं हो -कलेक्टर
6 माह से अधिक के कोई भी राजस्व प्रकरण लंबित न रहें, अभियान चलाकर फॉर्मर रजिस्ट्री कराएं
आमजन की छोटी से छोटी समस्याओं पर भी गंभीरता और संवेदनशीलता से कार्य करें
बैतूल। जिले के सभी अनुभागों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर राजस्व के साथ-साथ कृषि, खाद्य, बिजली एवं पानी संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दें। कमियां पाए जाने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करें। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिए।

उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि फील्ड निरीक्षण का मासिक प्लान तैयार करें। निरीक्षण के लिए आवश्यक मानक निर्धारित कर कार्य किया जाए। निरीक्षण औपचारिक न होकर उसका प्रभाव व्यवस्थाओं के सुधार के रूप में दिखाई देना चाहिए।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सभी राजस्व अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को भली-भांति समझें, अपने कम्युनिकेशन और सिस्टम को मजबूत बनाएं तथा आमजन से मिलनसार एवं सहज व्यवहार रखें। आमजन की छोटी से छोटी समस्याओं पर भी गंभीरता और संवेदनशीलता से कार्य करें, ताकि लोगों को अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय तक परेशान न होना पड़े। किसी की अनुपस्थिति जैसे सामान्य कारणों से भी लोगों के कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।

बैठक में कलेक्टर डॉ सोनवणे ने राजस्व न्यायालयवार लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी राजस्व प्रकरण 6 माह से अधिक लंबित न रहे। लंबित प्रकरणों में नियमित पेशियां लगाकर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए।
बैठक में नामांतरण, बटवारा, नजूल पट्टा नवीनीकरण, सीमांकन, रास्ता चिन्हांकन एवं फॉर्मर रजिस्ट्री के प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को अभियान चलाकर फॉर्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके लिए व्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया। उन्होंने विवादित नामांतरण एवं सीमांकन के लंबित प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धारणाधिकार के प्रकरणों में भी सभी एसडीएम को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने नरवाई जलाने की घटनाओं पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। भूमि आवंटन के प्रकरणों में मौके पर जाकर जांच करने एवं विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करने को कहा, ताकि भूमि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप हो सके।
उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को खरीदी केंद्रों का सतत् निरीक्षण कर मानक मापदंडों के अनुरूप सुव्यवस्थित ढंग से खरीदी संपन्न कराने के निर्देश दिए। कहा कि केंद्रों पर उपज की गुणवत्ता निर्धारित मशीनों से चेक हो यह देखें। माननीय न्यायालयों के प्रकरणों में भी पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए। लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण समयसीमा से बाहर न जाए। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने वन व्यवस्थापन के प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा कर निर्देश दिए जहां दल गठन हो गए है वहां वन और राजस्व के अमले के संयुक्त फील्ड विजिट की डेट निर्धारित करें। सुनिश्चित करें कि वन व्यवस्थापन के प्रकरणों का यथा शीघ्र निराकरण हो। उन्होंने प्राकृतिक आपदा, सड़क दुर्घटना के प्रकरणों की भी समीक्षा कर निराकरण करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के भी संतुष्टिपूर्वक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि कोई भी शिकायत नॉन अटेंडेंट न रहें। नॉन अटेंडेंट पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर वंदना जाट सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।





