गांव के युवाओ ने पॉलीथिन मुक्त के साथ कचरा प्रबंधन की व्यवस्था
कलेक्टर ने 2022 में पुरस्कार देकर किया था सम्मानित
बैतूल। बैतूल जिले के शाहपुर ब्लॉक का हांडीपानी गांव यूं तो आम गांव की तरह ही नजर आता है, लेकिन पिछले कुछ सालों से ये गांव अब पालीथिन मुक्त गांव की श्रेणी में शुमार हो चुका है। यही नहीं इस गांव को पॉलीथिन मुक्त गांव के साथ ही कचरा प्रबंधन को लेकर पुरस्कार भी मिल चुका है। यह गांव के सभी युवा, बच्चों और महिलाओं की बदौलत हो सका है।
पांच साल पहले हुई थी गांव को पॉलीथिन मुक्त गांव बनाने की शुरुआत
गांव के विजय विश्वकर्मा ने बताया कि गांव को पॉलीथिन मुक्त गांव बनाने के अभियान की शुरुआत सन 2021 से शुरू की गई थी। इस दौरान कोविड की बीमारी फैली हुई थी। सभी जगह पर लॉक डाउन लगा हुआ था। हम सभी दोस्तो ने गांव में भ्रमण करते हुए देखा कि गांव में बहुत ज्यादा पॉलीथिन फैल रहा है। शहरों से पॉलीथिन गांवों में आ रही है। लोगों को जागरूक नहीं किया गया तो शहरों की तरह गांव के हालात भी हो जाएंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए हम सभी दोस्तों ने मिलकर 2021 से गांव में पॉलिथीन कैंपेन चलाना शुरू किया। गांव में बिखरी पॉलिथीन को इकट्ठा करते हुए लोगों को जागरुक किया, ताकि पॉलिथीन से पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचे।

इन बातों से गांव के लोग भी जागरूक हुए और लगातार हर सप्ताह पॉलिथीन कैंपेन चलाया गया। इसमें गांव के बच्चों के साथ बड़े भी सहयोग करने लगे। पॉलीथिन को यहां- वहां फेकने की जगह एक जगह एकत्रित करने लगे। गांव के लोगो ने पॉलिथीन का उपयोग भी कम कर दिया।
गांव के लोग बाजार से सामग्री लाने झोले का इस्तेमाल करने लगे। इससे धीरे-धीरे गांव में पॉलीथिन आना कम हो गई। इससे गांव अब पॉलिथीन मुक्त गांव बन गया।

बिना खर्च के कचरा निष्पादन की व्यवस्था
गांव को पालीथिन मुक्त बनाने के साथ ही बिना खर्च के कचरा निष्पादन की व्यवस्था की गई। विश्वकर्मा ने बताया कि पंचायत में कचरा प्रबंधन का कोई खास बजट नहीं होने पर बिना लागत के कचरा बोरियों में एकत्रित करने की व्यवस्था बनाई। इससे सड़को पर कचरा नहीं फैलता और सड़के और गांव की गलियां साफ -सुथरी रहने लगी। इसके बाद इस कचरे को गांव से दूर नष्ट कर दिया जाता। इससे बिना खर्च के कचरे का निष्पादन हो जाता। इस कार्य में पंचायत की तरफ से भी सहयोग मिला। गांव की सरपंच सुगरती बाई ने अब गांव में कचरा जमा करने के लिए डस्ट बिन रखवाए जाने का आश्वासन दिया है। इससे कचरा प्रबंधन में काफी राहत मिलेगी।

कलेक्टर ने किया था सम्मानित
250 से अधिक घरों वाले इस हांडीपानी गांव के प्लास्टिक मुक्त गांव बनने और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करने पर युवा बच्चों की इस संस्था को कलेक्टर ने वर्ष 2022 में पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। गांव के इस स्वच्छता अभियान में गांव के लोगों के साथ साथ गीता शैलू, रीनू विश्वकर्मा, गुलाब शैलू, विजय विश्वकर्मा, सगन अखंडे, संदीप चौहान, रिशु, अंकुर, निशांत, नवीन, आदिल, सीमा, आदि की भूमिका रहती है।
खबर को आप तक पहुंचाने का काम जिला ब्यूरो परवेज खान ने किया। इनकी यहां खबर अतुलनीय है।







