आमला। आमला नगर के मुख्य मार्ग पर चल रहे डिवाइडर निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं, घटिया निर्माण गुणवत्ता एवं यातायात सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच एवं कार्यवाही की मांग की गई।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। डिवाइडर पर लगाए जाने वाले लाइट पोल हेतु बनाए जा रहे कॉलमों में आवश्यक तकनीकी स्ट्रक्चर का पालन नहीं किया जा रहा है तथा केवल चार सरियों को खड़ा कर ढलाई की जा रही है, जो भविष्य में दुर्घटना का कारण बन सकती है। जिनकी गहराई भी नाममात्र है।

नागरिकों ने आरोप लगाया कि संबंधित उपयंत्री को निर्माण कार्य के डिजाइन एवं इस्टीमेट की पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। निर्माण में अमानक एवं निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग किए जाने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लगभग 300 मीटर की सड़क में 11 क्रॉसिंग पॉइंट छोड़े गए हैं, जो यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा की दृष्टि से अव्यवहारिक ओर भविष्य में दुर्घटनाओ को बढ़ावा देने वाले प्रतीत होते हैं। साथ ही निर्माण कार्य में अकुशल श्रमिकों से कार्य कराए जाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के अधिकांश समय अनुपस्थित रहने के कारण ठेकेदार द्वारा मनमानी किए जाने की आशंका व्यक्त की गई।

नगरवासियों ने यह भी कहा कि डिवाइडर की वर्तमान डिजाइन यातायात सुरक्षा मानकों के अनुरूप दिखाई नहीं देती तथा मुख्य मार्ग होने के बावजूद निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है, जिससे यातायात में आमजनो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए एवं गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए तथा दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए। साथ ही जांच पूर्ण होने तक संबंधित निर्माण कार्य के सभी भुगतान रोकने की मांग भी की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में जनसेवा कल्याण समिति और राष्ट्रीय बजरंग दल के सदस्य सावन चौहान, अमित यादव, सुमित राने, नितिन ठाकुर, मोनू सिसोदिया, धीरज टिकारे, पवन मस्तकार और अन्य लोग उपस्थित रहे।







