गांव मे भिजवाऊंगी पानी के टैंकर : जिला महासचिव खुशबू अतुलकर
अंबाडा पंखा में गहराया जल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
आमला। विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम अंबाडा पंखा में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव के रहवासियों ने आमला के वार्ड क्रमांक 9 की पार्षद एवं युवक कांग्रेस बैतूल की जिला महासचिव खुशबू विजय अतुलकर को फोन कर अपनी समस्या बताई।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है और लोग कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। गांव के कुओं का पानी भी गंदा और दूषित बताया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल राहत की मांग करते हुए पानी के टैंकर भेजने की अपील की है।
एसडीएम और कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
जिला महासचिव खुशबू विजय अतुलकर ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पहले भी आमला तहसील एसडीएम कार्यालय और जनसुनवाई में कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपकर पानी की व्यवस्था कराने मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद आज तक गांव में कोई अधिकारी समस्या का समाधान करने नहीं पहुंचा। ग्रामीण लगातार प्रशासनिक उदासीनता का आरोप लगा रहे हैं।

गांव में पानी के लिए मची त्राहि-त्राहि के बीच लोगों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा। कई परिवारों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थिति को देखते हुए अब जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
अनुमति मिले तो निजी व्यय से भिजवाऊंगी टैंकर, अंबाडावासियों की प्यास बुझाना जरूरी
खुशबू विजय अतुलकर ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ग्राम अंबाडा में तत्काल पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति शुरू कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने में असमर्थ है तो उन्हें अपने निजी व्यय पर गांव में पानी के टैंकर भिजवाने की अनुमति दी जाए।

खुशबू अतुलकर ने कहा कि अंबाडा के लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हैं और ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा कराने के लिए आगे आएं। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि ग्रामीणों की प्यास बुझाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।







