पारंपरिक सोच से आगे बढ़ाएं सपनों का दायरा, हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी : कलेक्टर
आमला। युवाओं को उच्च शिक्षा, कॅरियर और सफलता की सही दिशा देने के उद्देश्य से ‘युवा संवाद-सपने, संवाद और सफलता’ कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, विधायक डॉ. योगेश पंडागरे और विषय विशेषज्ञों से खुलकर सवाल किए। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कॅरियर चुनने की सलाह दी।

सांदीपनि विद्यालय की कक्षा 12वीं मैथ्स की छात्रा रजनी साहू ने मिडिल क्लास और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए शासन से मिलने वाली सहायता को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई प्रतिभावान छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। इस पर कलेक्टर और विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक एवं कॅरियर संबंधी योजनाओं और अवसरों की जानकारी दी।

कलेक्टर से पूछा-सफलता के सफर में किन चुनौतियों का सामना किया
कक्षा 12वीं कॉमर्स की छात्रा शिखा पंवार ने कलेक्टर डॉ. सोनवणे से पूछा कलेक्टर बनने तक के सफर में उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और सफलता के लिए किस तरह तैयारी की। कलेक्टर ने कहा जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना और उसके लिए लगातार मेहनत करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को रोल मॉडल बनाने और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा है। युवाओं को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर अपने सपनों का दायरा बढ़ाना चाहिए। आज दुनिया में अवसरों की कमी नहीं है। टेक्नोलॉजी के माध्यम से घर बैठे ज्ञान और कौशल बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अलग-अलग कॅरियर क्षेत्रों के बारे में सोचने और अपनी रुचि व क्षमता के अनुरूप विकल्प चुनने की बात कही।

कॅरियर चुनने से पहले 3 पहलुओं पर करें विचार
डॉ. सोनवणे ने कहा कॅरियर चयन के दौरान परिवार और माता-पिता की अपेक्षाएं, दूसरों से मिलने वाली जानकारी तथा स्वयं की रुचि और इच्छा, इन पहलुओं को समझना चाहिए। अपनी क्षमता के अनुरूप कॅरियर चुनने के बाद लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी है। साथ ही यह भी विचार करें आपका कार्य देश के विकास में किस प्रकार योगदान दे सकता है।

अरुणिमा और सचिन के उदाहरण से दी प्रेरणा
कलेक्टर ने पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के संघर्ष और सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कठिन परिस्थितियां सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं बन सकतीं। असफलताओं से सीख लेकर लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए। विद्यार्थियों को सहनशील बनने और हर परिस्थिति में प्रॉब्लम सॉल्विंग अप्रोच अपनाने की सलाह दी।

एआई और कॅरियर विकल्पों पर की चर्चा
कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, भविष्य की संभावनाओं और एआई के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने और नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। विधायक डॉ. योगेश पंडागरे ने कहा विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचान कर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।

मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कक्षाओं और परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया। कलेक्टर, विधायक सहित अतिथियों ने विद्यार्थियों को उपलब्धि के लिए बधाई दी और निरंतर मेहनत, अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।








