नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर आज एक अनोखे और विशाल प्रदर्शन का गवाह बना। सोशल मीडिया पर महज तीन दिनों में करोड़ों की फैन फॉलोइंग खड़ी करने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले मात्र एक माह में आज हजारों युवाओं ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही कथित धांधली के खिलाफ जोरदार बिगुल फूंक दिया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में देश के कोने-कोने से आए छात्रों और युवाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

अनोखा विरोध: चेहरे पर कॉकरोच का मुखौटा, हाथ में तिरंगा और किताबें प्रदर्शन की सबसे खास बात इसका अनोखा तरीका रही। जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों युवा अपने चेहरों पर कॉकरोच के मुखौटे लगाए हुए थे, जबकि उनके हाथों में देश का गौरव तिरंगा और पढ़ने वाली किताबें थीं।

संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील का असर जमीन पर साफ दिखाई दिया। दीपके ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अपने साथ एक किताब और पानी की बोतल लेकर आने का आग्रह किया था। युवाओं ने इस अनुशासन का पूरी तरह पालन किया, जिससे प्रदर्शन स्थल पर एक गंभीर और अनुशासित माहौल देखने को मिला।

“हमारा यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। हम देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर युवा अपने साथ किताब और पानी की बोतल लेकर आया है, जो यह दर्शाता है कि हम हिंसा नहीं, अपने हक की शिक्षा और न्याय चाहते हैं।”
अभिजीत दीपके, संस्थापक (CJP)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग देश की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना और हाल ही में हुए पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करना है।
मंच से बोलते हुए अभिजीत दीपके ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया। युवाओं का कहना है कि बार-बार होते पेपर लीक ने देश के करोड़ों होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है, इसलिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सोशल मीडिया से वजूद में आई ‘CJP’ का चौंकाने वाला उभार
राजनीतिक विश्लेषक भी इस भीड़ को देखकर हैरान हैं। महज तीन दिन मे सोशल मीडिया पर करोड़ों फालोअर्स के जरिए वजूद में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने डिजिटल दुनिया से निकलकर दिल्ली की सड़कों पर जिस तरह अपनी ताकत दिखाई है, उसने सबको चौंका दिया है। मात्र तीन दिनों के भीतर करोड़ों फॉलोअर्स बटोरने वाले इस संगठन ने आज यह साबित कर दिया कि इंटरनेट की आवाज को जमीन पर भी उतनी ही मजबूती से बदला जा सकता है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचूक
ने आंदोलन को दिया समर्थन
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचूक भी जंतर-मंतर पहुंचे और अभिजीत दीपके के आंदोलन को समर्थन दिया। उनके हाथ में गुलाब का फूल था, जिसे उन्होंने संवाद, शांति और लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक बताया। वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि दीपके को गिरफ्तार किया गया तो वे अनशन पर बैठ सकते हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन की विशालता और युवाओं की भारी तादाद को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) की कई कंपनियों को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की थी, हालांकि युवाओं के अनुशासित और शांतिपूर्ण रवैये के कारण प्रदर्शन बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।

सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब आने वाले दिनों में सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि नीट और अन्य परीक्षाओं को लेकर युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है।









