क्षीर धारा ग्राम योजना पर संगोष्ठी हुई
बैतूल। पशुपालन के क्षेत्र में उन्नतशील ग्रामों को उदाहरणीय एवं आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से चलाई जा रही क्षीर धारा ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बैतूल के ग्राम भवानीतेडा को पूर्ण विकसित करने पशुपालन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बुधवार को संगोष्ठी का आयोजन किया।
इसमें पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चंचल मेश्राम ने क्षीर धारा ग्राम योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण के विषय में बताया।

नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन का महत्व, पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण में हरे चारे की उपयोगिता, समयबद्ध टीकाकरण कार्यक्रम, कृमिनाशन का महत्व बताया। साथ ही पशुओं को संतुलित आहार के लिए गोरस एप्प की जानकारी दी।

सहायक संचालक मछुवा कल्याण एवं मत्स्य पालन कमलेश खरे ने तालाब निर्माण कर मछली पालन करने एवं उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहायक विकासखंड प्रबंधक चन्द्रबली ठाकरे ने आजीविका मिशन के अंतर्गत खेतों में तालाब बनाने के लिए योजनाओ की जानकारी दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के बीटीएम विजयेंद्र वाईकर ने जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के विषय में जानकारी देते हुए इससे होने वाले लाभ एवं पशुओं के महत्व पर जानकारी दी।
कृषि विस्तार अधिकारी संतोष बोरबन ने बायो गैस संयंत्र, वर्मी कम्पोस्ट एवं चारा फसलों के विषय में विस्तार से बताया।

संगोष्ठी के दौरान डॉ. राज कमल मेश्राम एवं नम्रता भारती ने ग्रामीणों द्वारा लाए गए पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परिक्षण एवं बांझपन निवारण उपचार किया।
संगोष्ठी में ग्रामीण जन एवं स्वसहायता समूह की महिलाओं ने चर्चा में भाग लेते हुए उन्नत पशुपालन, हरा चारा उत्पादन एवं प्राकृतिक, जैविक खेती को ग्राम में बढ़ावा देने एवं कृषि तथा पशुपालन को लाभ का व्यवसाय बनाने में ग्रामीणों की भागीदारी का आश्वाशन दिया।

इस मौके पर उपस्थित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर सफल क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया।








