एपैक लिंक को ओपन किया और सायबर ठगी का शिकार बना युवक
आमला। साइबर ठगी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक युवक गणेश कापसे साइबर अपराधियों का शिकार हो गया। पीड़ित युवक ने पुलिस थाना आमला पहुंचकर एक लिखित आवेदन देकर कार्यवाही कि मांग की है। पीड़ित ने आवेदन में बताया है कि 23 मई की रात्रि को उनके खाते से 98 हजार रुपये और 24 मई की रात्रि को फिर से 98 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस प्रकार कुल लगभग 1 लाख 96 हजार रुपये की राशि उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से निकाल लिए गए।
घटना की शिकायत आमला थाना एवं साइबर सेल बैतूल में की गई है।
पीड़ित गणेश कापसे ने बताया की 23 मई के 4 दिन पहले आरटीओ के ई चालान से एक लिंक सर्कुलेट हुई थी। यह लिंक जानने वाले विनोद के मोबाइल से आई थी। इससे लिंक काम की लग रही थी। जैसे ही लिंक पर क्लिक किया ओटीपी ऑटोमेटिक ले लिया और यह लिंक मोबाइल में सेव सभी नम्बर पर सर्कुलेट हो गई। 4 दिन तक कुछ नही हुआ शनिवार और रविवार को खाते से ट्रांजेक्शन कर लिया। सोमवार को भी एक ट्रांजेक्शन किया 98 हजार रुपए का किया गया। खाते में 33 हजार रूपए बचे थे उस राशि का ट्रान्जेक्शन होने के बाद 64 हजार रुपए एकाउंट मे माइन्स दिखने लगे। जहां बैंक प्रबंधक से शिकायत के बाद 33 हजार रुपए मिल पाए है।

मामले में बैंक प्रबंधन पर भी सवाल खडे किए जा रहे हैं। गणेश कापसे ने आईसीआई बैंक के मैनेजर पर आरोप लगाए है। समय रहते बैंक प्रबंधन द्वारा दूसरे बैंक से संपर्क किया जाता तो संभवतः खाते से राशि जाने से रोकी जा सकती थी। इसे बैंक की लापरवाही के रूप में भी देखा जा रहा है।
पीड़ित ने बताया बैंक आजकल ग्राहकों के डाटा को शेयर कर रही है। ईएमआई, क्रैडिट कार्ड, पर्सनल लोन, व्यवसायिक लोन की किस्तो के लिए अलग अलग नम्बर से अनजान लोगों के काल और मैसेज आते है। बैंक के अलावा इन अनजान लोगों के पास डाटा कैसे पहुंच रहा है। जिससे सबसे ज्यादा साइबर ठगी हो रही है।

हजारो मोबाइल में पहुंची लिंक
आमला शहर में इस प्रकार की संदिग्ध लिंक कई लोगों के मोबाइल पर पहुंच चुकी हैं। लिंक क्लिक करते ही मोबाइल में सेव कांटेक्ट नम्बर और व्हाट्सऐप पर आटोमेटिक चली जा रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में और लोग भी साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।
प्रशासन एवं अधिकारियों ने भी नागरिकों से बैंक खातों और मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध कॉल और लिंक से सतर्क रहने की अपील की है।







