बैतूल। भारत मे प्लास्टिक के नोट चलाने की तैयारी चल रही है। हालांकि पहले भी नोटों की किल्लत को देखते हुए प्लास्टिक के नोट जारी करने के पूर्व में तीन बार प्रयास हुए हैं, लेकिन इन नोटों को बनाने से जुड़ी कंपनी के नहीं मिलने से यह प्रयास विफल हो चुके है, लेकिन इस बार भारतीय रिजर्व बैक ने10 और 20 के प्लास्टिक के नोट के अगले साल तक आने की उम्मीद जताई है। अभी इसकी टेंडर प्रक्रिया बाकी है।
60 देशों में शामिल हो सकता है भारत
दुनिया के 195 देशों में मात्र 60 देशों में ही प्लास्टिक के नोट प्रचलन में है। आस्ट्रेलिया एवं कनाडा ने पूरी तरह से प्लास्टिक करेन्सी को अपना लिया है। भारत अगर प्लास्टिक के नोट जारी करने में सफल होता है, तो वह ऐसा 61वां देश बन जाएगा। हालांकि बैतूल के एक रिटायर्ड शिक्षक राजेश सूर्यवंशी के पास पहले से अलग अलग देशों के प्लास्टिक के नोट उपलब्ध है। दरअसल बैतूल के टिकारी में रहने वाले सूर्यवंशी दुर्लभ नोटो का संग्रह करते हैं।

उनके पास देशी-विदेशी नोटो का बहुत बड़ा संग्रह है। यह नए- पुराने नोट एवं सिक्के मिस प्रिंट एवं दुर्लभ नंम्बर वाले नोट सिक्को का संग्रह वर्ष 1970 से कर रहे हैं। इनके संग्रह में द्वितीय सेंचुरी के भारतीय सिक्के एवं 1938 के पुराने भारतीय दुर्लभ नोट जमा है। इनके संग्रह में लगभग 90 देशों के विदेशी नोट एवं सिक्कों का संग्रह है।

जिसमें प्रमुख इंडोनेशिया का भगवान श्रीगणेशजी का 20000 रुपये का नोट यूगोस्लाविया का 5 करोड का नोट जमा है। सूर्यवंशी के संग्रह में प्लास्टिक करेन्सी में मलेशिया, ग्वाटारमाला, हांगकांग, मेक्सिको, नेपाल, रोमानिया, ताशकन्द आदि 6 देशों के नोट है। इन नोटों को आप कभी भी देख सकते है।








