6 हजार के जुर्माने से किया दंडित
बैतूल। विशेष न्यायाधीश रईस खान ने महदगांव में हुई हत्या के एक मामले में आरोपीगण को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास और अर्थ दंड से दण्डित किया। प्रकरण में उपनिदेशक राजकुमार उईके एवं सहायक निदेशक सत्य प्रकाश वर्मा के निर्देशन मे शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशीकांत नागले ने सशक्त पैरवी की थी।
कुछ ऐसा है घटना क्रम
15 मार्च 2022 को फरियादी मीनाक्षी उइके ने थाना कोतवाली बैतूल में रिपोर्ट लिखाई कि उसके परिवार में मां और 4 बहने, घर जवाई लंकेश, राखी का पति विकास है। वह तीसरे नंबर की है। चौथे नंबर की गरिमा है। उसके पिता गोमा ने उन्हें छोड़कर ग्राम कनारा में दूसरा विवाह कर लिया है। उसका गांव के प्रियेश चौबे से 2 वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है, जिसकी जानकारी चिकू के दोस्त राहुल को है। दिनांक 14 मार्च 2022 को रात करीब 09 बजे वे लोग खाना खाकर सो गए थे। मुनिया बाई, गरिमा तथा मनकोबाई एक कमरे में सो रहे थे, वह ममेरे भाई आशिक और सुनीता के देवर छोटू सरियाम के साथ बाजू वाले कमरे में सो रही थी तथा उसके बाजू वाले कमरे में सुनीता और लंकेश सो रहे थे, तभी चिकू का दोस्त राहुल एक मोबाईल लेकर आया और उसे खिड़की पर बुलाकर बोलने लगा कि चिकू ने भेजा है, उससे बात कर लेना और मोबाईल खिड़की पर रखकर चला गया। मोबाईल की घंटी बजने पर उसने मोबाईल पर चिकू से बात किया, चिकू बोला मुझसे बात कर तेरी किससे शादी जुड रही है, उसका नंबर दे और फोन पर ही गालियां देने लगा, मोबाईल कटने के बाद वह सो गयी।
रात करीब 01:00 बजे चिकू उसके घर की खिड़की के पास आया और एक छोटा पत्थर मारकर उसे जगाया और बोला की तेरी बहन जीजा का नंबर लाकर दे, नंबर न ला सकी, तो चिकू उसे गंदी गंदी गालियां देने लगा। उसी समय चिकू ने अपने दोस्त रितेश, मोटू महाराज को वहां बुलाया तो उसने चिकू का मोबाईल वापस कर दिया और चिकू के पिता से फोन पर बोला चिकू को घर लेकर जाओं। थोड़ी देर बाद माया वहां आयी और उसके जीजा लंकेश की कॉलर पकड़ ली, रितेश ने लंकेश को पीछे से थप्पड़ मुक्को से मारा, कमरे में सो रहे आशिक और छोटू भी उठ गये, तब अभियुक्तगण चिकू माया, रितेश तथा मोटू चारों अभियुक्तगण उनके घर के अंदर घुस गये और चाकू से छोटू के गले में मारा और उसे खीचकर बाहर निकाला और पानी के टाके में गिरा दिया। छोटू को छुड़ाने की कोशिश करने पर लंकेश को भी चाकू से मारा जो उसके सीने में लगा, सुनीता ने बचाव करने की कोशिश की तो उसे चाकू से बांये हाथ मे चोट आयी, उसने बचाने की कोशिश की तो चिकू ने गर्दन मे ‘चाकू से मारा। फरियादीगण की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर घटना में छोटू की मृत्यु हो जाने से तथा लंकेश का प्राण घातक चोटें होने से अपराध का अनुसंधान करते हुए चालान अभियुक्तगण के विरूद्ध न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
ये सुनाया फैसला
बहुचर्चित हत्या कांड के इस मामले की सुनवाई करते हुए माननीय विशेष न्यायाधीश ने हत्या करने वाले आरोपीगण चिकू उर्फ प्रियेश, माया एवं रितेश सोनारे सभी निवासी ग्राम महदगांव, थाना कोतवाली को दोषी पाते हुए धारा 302/34 भादवि आजीवन कारावास, 307/34 भादवि में 07 वर्ष व धारा 450 भादवि में 05 वर्ष सश्रम कारावास तथा कुल 2,000-2,000रू, कुल 6,000 रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।







