शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रही श्रीराम लक्ष्मण सीता, हनुमान, भोलेनाथ सहित छत्रपति शिवाजी महाराज व जीजाबाई व अन्य झांकिया
आमला। आमला नगर में श्रीरामनवमी का पर्व बडे धूमधाम से मनाया गया। नगर को भगवा तोरण और ध्वजों से सजाया गया। सुबह से मेन मार्केट के प्राचीन श्रीराम मंदिर में श्रृद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।
श्रीरामनवमी के शुभ अवसर पर करीब सुबह 11 बजे से इतवारी चौक कृष्ण मंदिर, राठौर मोहल्ला से शोभायात्रा प्रारंभ हुई जो नगर भ्रमण करते हुए दोपहर में आमला नगर के बस स्टैंड पहुंची। जहां पर उपनगरी बोड़खी व रेलवे कालोनी से आई शोभायात्राओ का समागम हुआ।

बस स्टैंड पर सभी क्षेत्र की शोभायात्रा को मंच पर स्थान देकर मां शेरावाली दरबार समिति ने महाआरती की आमला नगर बस स्टैंड पर मां शेरावाली दरबार समिति के द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शोभायात्रा में आई श्रीराम लक्ष्मण सीता, बजरंगबली हनुमान, भगवान भोलेनाथ को मंच पर स्थान देकर महाआरती की गई।

जिसमें क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे सपरिवार शामिल हुए। वहीं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शैलेन्द्र बड़ौनिया अपनी राजस्व टीम के साथ व थाना प्रभारी रविकांत डेहरिया भी उपस्थित रहे। जिसके उपरांत वहां से श्रीराम पर प्रभु की शोभायात्रा विशाल शोभायात्रा में बदलकर समापन समारोह स्थान के लिये रवाना हुई।

इस विशाल शोभायात्रा का जगह जगह विभिन्न हिन्दू संगठनों ने स्वागत में जगह जगह स्टॉल लगाए गए। शोभायात्रा में शामिल भक्तों के लिए ज्यूस, पानी, फल, साबूदाने की खिचड़ी, शरबत की व्यवस्था की गई थी।

तपती धूप में भी लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। शोभायात्रा में हजारों लोग सम्मिलित हुए जिसमें महिलाएं और बच्चे, युवा, पुरुष, बुजुर्ग भी शामिल थे।

शोभायात्रा की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल सुबह से तैनात रहा। पुराने पुलिस थाने में महाआरती के बाद महाप्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुस्लिम और बोहरा समाज ने किया
शोभायात्रा का भव्य स्वागत
श्रीरामनवमी पर निकली शोभायात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न हिंदू संगठनो, व्यापारियों आम नागरिकों ने स्टॉल लगाकर जलपान की व्यवस्था की तो वहीं मुस्लिम और बोहरा समाज ने पीर मंजिल में शोभायात्रा में शामिल भक्तों के लिए शरबत की व्यवस्था की थी। समाज ने स्वागत का बैनर भी लगाया था। मेन मार्केट में मुस्लिम व्यापारियों ने श्रीरामभक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था रखी थी। इसके अलावा भी शोभायात्रा का जगह जगह स्वागत हुआ। श्रीराम जन्मोत्सव का पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया।







