रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री को राखी के साथ भेजा मांग-पत्र
10 साल से स्कूलों में दे रहे कौशल आधारित शिक्षा, मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
बैतूल। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत नवीन व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े व्यावसायिक प्रशिक्षकों की रविवार को ऑफलाइन बैठक हुई। इसमें बैतूल जिले के विभिन्न ब्लॉकों से 69 व्यावसायिक प्रशिक्षक शामिल हुए। बैठक में करीब 10 वर्षों से शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा दे रहे प्रशिक्षकों की समस्याओं और लंबित मांगों पर चर्चा की गई।

बैठक में रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी के साथ मांग-पत्र भेजने की पहल पर भी चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने कहा कि वर्तमान में उन्हें करीब ₹20 हजार मासिक मानदेय पर काम कराया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई के हिसाब से काफी कम है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर कम से कम ₹38,600 से 40 हजार करने, प्रतिवर्ष वेतनवृद्धि देने और आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त कर स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करने की मांग रखी।

इसके साथ ही प्रशिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग से सीधे मानदेय भुगतान, आवश्यक सेवा सुविधाएं, सवैतनिक मातृत्व अवकाश और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रशिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा देकर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ बैतूल के जिला अध्यक्ष कृष्णा सूर्यवंशी ने कहा कि प्रशिक्षकों की सभी मांगें जायज हैं। महंगाई को देखते हुए मानदेय में वृद्धि जरूरी है। वर्तमान 20 हजार का वेतन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक प्रशिक्षकों का प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। बैठक में 69 प्रशिक्षकों की उपस्थिति को संगठन की एकजुटता के रूप में देखा गया।







