नदी नालों में बाढ़ नहीं आने से खदानों तक नहीं पहुंची रेत
एक ही ठेकेदार के पास सभी खदानें होने से रेट में आती है दिक्कतें
जिले में कम बारिश से नदी-नालों में नहीं आई रेत डंप रेत के दाम जगह पर ही 35 से 40 फीसदी बढ़े
बैतूल। जिले में इस साल कम बारिश होने से जल स्त्रोत भरे ही नहीं है। मूसलाधार बारिश नहीं होने से नदी नालों में बाढ़ भी नहीं आई। जिले के अधिकतर नदी नालों में रेत भी जमा नहीं हो पाई। इसका फायदा उठाते हुए रेत ठेकेदार ने डप की गई रेत के दाम 40 से 50 फीसदी तक बढ़ा दिए है। इसके चलते जिले में पिछले तीन माह के दौरान ही रेत के दाम डेढ़ गुना बढ़ गए हैं। रेत के दाम बढ़ने से जिले में शासकीय एवं प्राइवेट निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे है। बारिश का सीजन समाति की और है। ऐसे में आने वाले समय में रेत के दाम और अधिक बढ़ सकते है।

जिले में 27 इंच औसत बारिश
जिले में इस साल मानसून की धमाकेदार शुरुवात के बाद भी सीजन में कई बार बारिश का दौर धमने से इस साल बारिश का आकड़ा सामान्य से लगभग 60 फीसदी ही यहा है। जिले में अभी तक मात्र 27.47 इंच बारिश हो हुई जो सामान्य औसत बारिश 43.35 से लगभग 40 प्रतिशत कम है। जबकि गत वर्ष जिले में 16 सितम्बर तक 35.24 इंच बारिश हो गई थी। मानसून सत्र अब अंतिम चरणों में है। जिससे इस साल बारिश का सामन्य आकड़ा तक पहुंचना लगभग नामुमकिन है।
नदी नालों में नहीं आई बाढ़, खदानों में रेत का टोटा
इस साल जिले में जितनी बारिश हुई हैं वह भी रिमझिम चरित के रूप में ही हुई हैं। जिससे अधिकतर नदी नालों में बाढ़ ही नहीं आई है। बाद नहीं आने से रेत जमा नहीं हुई है। कुछ नदियों में तो कचरा तक साफ नहीं हुआ है। स्थानीय नदी नालों में रेत नहीं आने का असर दिखाई देने लगा है। स्थानीय स्तर पर आने वाली रेत नहीं आने से रेत के दाम आसमान छूने लगे है।
48 से 50 हजार रूपए में मिल रहा डंपर
बारिश के दिनों में नदियों से रेत नहीं निकलने और छोटी नदी-नालों में लोकल रेत नहीं आने से रेत के दाम मई-जून की तुलना में लगभग 50 फीसदी बढ़ गए है। रेत ठेकेदार द्वारा डंप की गई रेत भौंरा में ही 48 से 50 रुपए प्रति फीट कर दिए है। डंपर
व्यावसायी राजेश गावंडे ने बताया कि जिला मुख्यालय में रेत के दाम 40 से 50 फीसदी तक बढ़ गए है। 400 फीट रेट का डंपर 27 से 28 हजार रुपए, 600 फीट का डंपर 38 हजार रुपए और 800 फीट का डंपर 48 से 50 हजार रुपए का हो गया है। लोकल रेत नहीं आने से भौंरा से आने वाले डंपर से ट्राली में रेत भरकर दी जा रही है से लगभग 6 हजार रूपए ट्राली में बिक रही है। लगभग तीन माह पूर्व शहर में 400 फीट के डंपर 20 हजार, 600 फीट के डंपर 30 हजार और 800 फीट के डंपर 35 हजार रुपए तक थे।

निर्माण कार्य हो रहे प्रभावित
रेत के दाम बढ़ने से जिले में प्रायवेट और शासकीय निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे है। बैतूल के डंपर थे। आवसायी अनिल पंवार ने बताया बारिश के पूर्व भौरा में रेत के दाम 28 से 30 रुपए प्रति फिट वर्तमान में ठेकेदार परम डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा भौरा में ही 48 से 50 रुपए प्रति वर्गफीट में रेत दी जा रही श्री पंवार ने बताया रेत महंगी होने से कई निर्माण प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने मकान निर्माण है। कार्य कार्य रोक दिए हैं वहीं शास्स्कीय निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल बारिश कम होने से नदी नालों में रेत जमा नहीं हुई है जिससे रेत के दाम बारिश के बाद और अधिक बढ़ सकते हैं।
इनका कहना-
खनिज अधिकारी बोले- रेत के रेट तय करना हमारे हाथ मे नही
खनिज अधिकारी मनीष पालेवार का कहना है कि खदान से 120 रुपए घनफिट की रायल्टी पर रेत ठेकेदार को दी जाती है। वे कितने में बेचेंगे इसके रेट हम तय नहीं कर सकते। यह हमारे हाथ मे नही है।
अक्टूबर में बैन हटने पर रेत के दाम कम होने की संभावना
जिले की 32 रेट खदानों से रेत का उत्खनन करने पर अभी प्रतिबंध लगा हुआ है रेत रेत सप्लायर सूत्रों के मुताबिक उत्खनन पर प्रतिबंध 2 अक्टूबर तक रहेगा इसके बाद उत्खनन शुरू होने पर इसके रेत कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में ङप से रेत मिल रही है, इसलिए दिक्कत आ रही है।
गांधी ग्राम तवा कोल माइंस -3 में रेत का हो रहा अवैध उत्खनन
घोड़ाडोंगरी ब्लाक के सारणी कोल माइंस एरिए के गांधी ग्राम तवा कोल माइंस 3 के पास रेत का अवैधउत्खनन किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक यह एरिया कोल माइंस में आने के कारण खनिज विभाग कोई ध्यान नहीं देता है। इसके चलते अवैध उत्खनन बढे पैमाने पर किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत से अवैध उत्खनन करके ट्रैक्टरों से परिवहन किया जा रहा है। इससे शासन को नुक्सान हो रहा है। रोजाना 15 से 20 ट्रैक्टर रेत का खनन किया जा रहा है। वन विभाग और खनिज विभाग से इसकी कोई अनुमति भी इनके पास नहीं है। खनिज विभाग को इसकी शिकायत करने के बावज़ूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है ना पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है। मिली भगत से रेत का अवैध उत्खनन जारी है।







