महिला कांग्रेस नेत्री ने एसडीएम के सामने फाड़ी ज्ञापन की प्रति
पिछले कई महीनों से जनसुनवाई में आ रही शिकायतो पर नहीं हो रही कार्रवाई
आमला। जनपद पंचायत कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई जब अतिक्रमण की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज कांग्रेस की महिला नेत्री सीमा अतूलकर ने एसडीएम के सामने ही ज्ञापन की प्रति फाड़कर फेंक दी। महिला नेत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों पर जनता के हितों की अनदेखी करने और अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है? पूरा मामला
ग्राम पंचायत हरन्या के खसरा क्रमांक 47/1/1, 47/1/2 एवं खसरा नं. 245 एवं खसरा नं. 83 पर शासकीय भूमि जो बोरदेही बैतूल मार्ग पर स्थित है व रेल्वे स्टेशन बोरदेही हरन्या के अत्यंत समीप है। इस भूमि का बाजार मूल्य करोड़ों में है। ग्राम हरन्या के वर्तमान सरपंच सचिन साहू, सचिव परमानंद पुण्डे एवं हल्का पटवारी अमित राठौर की आपसी मिलीभगत से उक्त बेशकीमती शासकीय भूमि को अवैध रूप से प्लाटिंग कर पट्टे के रूप में बेची जा रहीं है।

हरन्या पंचायत के ग्रामीण लंबे समय से गांव की शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण की शिकायत कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण के कारण बैशकीमती शासकीय भूमि पर अवैध गतिविधियां में संलिप्त लोग कब्जा कर रहे है। ओर अवैध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसी समस्या को लेकर कांग्रेस महिला नेत्री सीमा अतूलकर, दिनेश यदुवंशी, श्याम, बबलू आदि ग्रामीणों के साथ जनसुनवाई में एसडीएम को ज्ञापन सौंपने पहुंची थीं।
एसडीएम का तर्क और बढ़ा विवाद
चर्चा के दौरान जब सीमा अतूलकर ने अतिक्रमण पर तत्काल कार्रवाई की मांग की, तो एसडीएम ने कथित तौर पर “पुलिस फोर्स उपलब्ध न होने” का हवाला देते हुए तुरंत कार्रवाई करने में असमर्थता जताई। एसडीएम के इस जवाब से महिला नेत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने इसे प्रशासन की टालमटोल वाली नीति बताते हुए तीखी बहस शुरू कर दी।

ज्ञापन को फाड़कर जताया विरोध
आक्रोश इस कदर बढ़ा कि सीमा अतूलकर ने अपने हाथ में मौजूद ज्ञापन की प्रति को एसडीएम के सामने ही टुकड़े-टुकड़े कर हवा में उछाल दिया। उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
”प्रशासन सिर्फ बहानेबाजी कर रहा है। जब आम जनता अपनी समस्याओं को लेकर आती है, तो फोर्स का बहाना व अन्य बहाने बनाये जाते है। अधिकारी जनता के हितों के लिए नहीं, बल्कि रसूखदारों के दबाव में व अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं।”

भ्रष्टाचार का स्वरूप: उक्त व्यक्तियों द्वारा पद का दुरूपयोग करते हुये शासकीय भूमि पर अवैध रुप से प्लाट काट कर भोले भाले ग्रामीणों को पट्टे के नाम पर मोटी रकम लेकर भूमि बेची जा रहीं है। जो कि पूर्णतः गैर कानूनी है।
अवैध प्लाटिंग करने वाले दोषियों पर कार्यवाही ग्राम पंचायत हरन्या सरपंच, सचिव एवं पटवारी द्वारा ग्राम हरन्या की पहाड़ी, चट्टान मद की शासकीय भूमि को समतल कर अवैध रूप से प्लाटिंग कर पट्टे के नाम पर बेची जा रहीं है, जिन पर एफआईआर दर्ज कराई जाये।
प्रशासनिक खेमे में खलबली
जनसुनवाई में हुए इस घटनाक्रम से कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जहाँ एक ओर ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी इस व्यवहार पर असहज नजर आए।
महिला नेत्री सीमा अतूलकर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हरन्या पंचायत से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सीमा अतूलकर सहित किसान संघर्ष समिति के तहसील अध्यक्ष दिनेश यदुवंशी, श्याम, बबलू सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।







