श्रीहनुमान प्रभू का श्री क्षेत्र में चमत्कारिक इतिहास श्रीहनुमान जन्मोत्सव : श्रीहनुमान लोक के साथ जामसांवली धाम बना विश्वस्तरीय आस्था केन्द्र

सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसता आस्था का धाम, जामसांवली रच रहा नया इतिहास

जामसांवली धाम – जहां चमत्कार, श्रृद्धा और आधुनिकता का अनूठा संगम

छिंदवाड़ा/ पांढुर्णा। आस्था, विश्वास और भक्ति के केन्द्र के रूप में स्थापित चमत्कारिक श्रीहनुमान मंदिर हनुमान लोक जामसांवली धाम निरंतर ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बनता जा रहा है। सतपुड़ा की सुरम्य हरित वादियों के मध्य बसे पहले छिंदवाड़ा जिले व वर्तमान मे पांढुर्णा जिले के सौसर तहसील का यह चमत्कारिक जामसांवली धाम देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी ख्याति स्थापित कर चुका है।

श्रीरामनवमी से निरंतर जारी धार्मिक आयोजनों के माध्यम से यह धाम भक्ति के महासागर में परिवर्तित होता जा रहा है, जहां प्रतिदिन हजारो श्रृद्धालु श्री क्षेत्र में श्रीराम भक्त हनुमानजी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते हैं। मंदिर संस्थान द्वारा हनुमान जयंती, गुरु पूर्णिमा और नूतन वर्ष के साथ-साथ प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को विशेष आयोजन किए जाते हैं, जो श्रृद्धालुओं को श्री हनुमानजी के समक्ष शीश नवाने के लिए प्रेरित करते हैं। बीते एक वर्ष में इस धाम का स्वरूप निरंतर भव्य और ऐतिहासिक होता गया है।

श्रीक्षेत्र में लेटे हुए श्रीहनुमान प्रभू का चमत्कारिक इतिहास

जामसांवली धाम का इतिहास अत्यंत प्राचीन और अद्भुत माना जाता है। यहां भगवान श्रीराम के परम भक्त श्री हनुमान प्रभू पीपल के वृक्ष के नीचे निद्रा मुद्रा में विराजमान हैं, जो देश के अद्वितीय मंदिरों में से एक है।

मान्यता है कि हजारों वर्ष पूर्व यह विशाल प्रतिमा घास के बीच छिपी हुई थी, जिसे एक किसान ने खेत जोतते समय देखा। इसके बाद यह स्थल श्रृद्धा का प्रमुख केन्द्र बन गया और वर्तमान में करोड़ों भक्तों की आस्था का आधार है।

वर्ष 1996 में सीमित संसाधनों से प्रारंभ हुआ यह मंदिर आज वर्तमान समय में हनुमान लोक जैसे विशाल धार्मिक परिसर के रूप में विकसित हो रहा है।


मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 314 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को आकार दिया जा रहा है। श्रीराम नवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करकमलों से प्रथम चरण का लोकार्पण हो चुका है, वहीं द्वितीय चरण की भी घोषणा की जा चुकी है। पूर्ण होने पर यह धाम महाकाल लोक उज्जैन की तर्ज पर भव्य और विश्वस्तरीय धार्मिक केन्द्र के रूप में स्थापित होगा।

आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम

मंदिर संस्थान के अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि श्रीक्षेत्र में श्रीहनुमान लोक केवल मंदिर विस्तार नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और पौराणिक परंपराओं का अनूठा समन्वय है। लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह कॉरिडोर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। यहां धार्मिक आस्था के साथ जनभागीदारी और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का व्यापक समावेश भी देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 11 एकड़ भूमि खरीदी गई, शासन से प्राप्त 25 एकड़ भूमि पर बजरंग गौशाला की स्थापना की गई, भव्य सभामंडप का निर्माण, प्रसादम एवं भक्त निवास का जीर्णोद्धार, लिफ्ट, प्रशासनिक भवन, आरओ पेयजल व्यवस्था, पूजा सामग्री दुकानों का सुव्यवस्थित पुनर्वास, पेवर ब्लॉक, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग और सोलर प्लांट की स्थापना जैसे कार्य किए गए हैं। वर्तमान में मंदिर संस्थान के पास 68 एकड़ से अधिक स्वयं की संपत्ति उपलब्ध है, जो इसे एक विशाल धार्मिक परिसर के रूप में विकसित कर रही है।

1000665803

चमत्कारी श्रीक्षेत्र का विश्व पटल पर पहचान

जामसांवली धाम अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सोशल मीडिया और आधुनिक माध्यमों के जरिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीहनुमान लोक के द्वितीय चरण में भव्य गर्भगृह निर्माण, चिंरजीवी पथ, नाला संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण, वृहद एसटीपी प्लांट, सोलर विस्तार और मानसिक पुनर्वास केंद्र जैसे महत्वाकांक्षी प्रकल्प शामिल हैं।
जामसांवली धाम आज केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और चमत्कार का जीवंत प्रतीक बन चुका है और आने वाले समय में श्रीहनुमान लोक के पूर्ण होने के बाद यह देश के प्रमुख धार्मिक धामों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

श्रीहनुमान प्रभू के जन्मोत्सव पर भक्ति का महाकुंभ

विगत 26 मार्च 26 से जामसांवली धाम में प्रारंभ हुए श्रीहनुमान प्रभू जन्मोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर 2 अप्रैल तक पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्रीरामभद्राचार्य महाराज द्वारा श्रीराम कथा का वाचन किया जा रहा है। 1 अप्रैल को “राम आएंगे…” प्रसिद्ध भजन की प्रस्तुति देने वाली भजन गायिका स्वस्ति मेहुल द्वारा भजन संध्या आयोजित की गईं। वहीं 2 अप्रैल की मध्यरात्रि वाराणसी से आए पुरोहितों द्वारा अभिषेक एवं प्रातः 4 बजे महाआरती का आयोजन किया गया। अब तक संपन्न कार्यक्रमों में श्रद्धेय विवेक महाराज द्वारा हनुमत चरित्र वाचन तथा प्रसिद्ध हनुमत कृपापात्र रसराज महाराज की उपस्थिति में ग्यारह हजार श्रृद्धालुओं द्वारा सामूहिक सुंदरकांड वाचन किया जा चुका है।

  • Admin

    Admin

    Related Posts

    राजस्थान के कोटा में बैतुल के 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत

    8 people from Betul die in a road accident in Kota, Rajasthan

    Read more

    खनिज विभाग आर एफ टैग से रोकेगा अवैध खनन और परिवहन

    The Mining Department will curb illegal mining and transportation using RF tags.

    Read more

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    राजस्थान के कोटा में बैतुल के 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत

    राजस्थान के कोटा में बैतुल के 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत

    खनिज विभाग आर एफ टैग से रोकेगा अवैध खनन और परिवहन

    खनिज विभाग आर एफ टैग से रोकेगा अवैध खनन और परिवहन

    अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों की प्रतिभा का हुआ सम्मान, 100 से अधिक बालिकाओं ने लिया भाग

    अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों की प्रतिभा का हुआ सम्मान, 100 से अधिक बालिकाओं ने लिया भाग

    सतपुड़ा की वादियों में घूमें देवों के देव महादेव नहीं मिला बाघ, देखा सांभर, चीतल और नील गाय- बोले फिर आएंगे

    सतपुड़ा की वादियों में घूमें देवों के देव महादेव नहीं मिला बाघ, देखा सांभर, चीतल और नील गाय- बोले फिर आएंगे

    प्रदेशाध्यक्ष से भेंट कर 5 दिवसीय बैंकिंग, न्यायसंगत PLI के लिए मांगा सहयोग

    प्रदेशाध्यक्ष से भेंट कर 5 दिवसीय बैंकिंग, न्यायसंगत PLI के लिए मांगा सहयोग

    अंजुमन कमेटी के नए अध्यक्ष के रूप में अशफाक, अकरम के नाम की चर्चा

    • By Admin
    • September 29, 2026
    • 22 views
    अंजुमन कमेटी के नए अध्यक्ष के रूप में अशफाक, अकरम के नाम की चर्चा