15 दिन के आश्वासन के बाद भी गौठाना ट्रेंचिंग ग्राउंड से नहीं हटा कचरा
आंदोलन के बाद भी नहीं बदली स्थिति, नया कचरा आना जारी, गौठाना में बढ़ा आक्रोश
बैतूल। बैतूल शहर से लगे गौठाना क्षेत्र में वर्षों से संचालित ट्रेंचिंग ग्राउंड की समस्या अब भी जस की तस बनी हुई है। बदबू, वायु प्रदूषण और संभावित जल प्रदूषण से परेशान गौठाना के हजारों रहवासी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड हटाने के लिए वे वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
करीब 25 दिन पहले गौठाना के नागरिकों ने इस समस्या को लेकर सांकेतिक आंदोलन किया था।
आंदोलन के दौरान प्रशासन की ओर से 15 दिन के भीतर ट्रेंचिंग ग्राउंड को उस स्थान पर स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया गया था, जहां इसके लिए पहले से अलॉटमेंट किया जा चुका है।
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा यह आश्वासन लिखित रूप में दिया गया था। उस समय बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
इसके बाद गौठाना के वरिष्ठ नागरिकों ने बैतूल के विधायक और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था।

हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। पुराने कचरे को हटाने की प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है, जबकि नया कचरा लगातार ट्रेंचिंग ग्राउंड में डाला जा रहा है।
गौठाना क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से उठने वाली बदबू और वायु प्रदूषण से आसपास रहने वाले 5000 से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही कचरे से निकलने वाले दूषित पानी के कारण जल प्रदूषण का भी खतरा बढ़ रहा है और आशंका जताई जा रही है कि यह दूषित पानी ट्यूबवेल और हैंडपंप तक पहुंच सकता है। क्षेत्रवासियों ने पानी की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इलाके में बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है और कचरे के ढेर में मवेशियों के घुसने से कचरा आसपास फैल रहा है। गौठाना के प्रतिनिधि मंडल ने माननीय कलेक्टर महोदय को फिर ज्ञापन सौंपा।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग केवल इतनी थी कि यहां नया कचरा डालना तुरंत बंद किया जाए और पूरे ट्रेंचिंग ग्राउंड को यहां से हटाया जाए, लेकिन इसके बावजूद लगातार नया कचरा पहुंच रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस समस्या को मीडिया के माध्यम से प्रदेश स्तर तक पहुंचाया जा चुका है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन और शासन से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रेंचिंग ग्राउंड की समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो कमानी गेट पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा और गौठाना के लोग इसके लिए मजबूर होंगे।






