दो गांव की पंचायत भी नहीं बुझा पा रही है झोपड़ी गांव के ग्रामीणों की प्यास

सरकार के दावों की पोल खोलता बैतूल जिले का एक गांव, जहां आज भी पानी के लिए सुबह से जद्दोजहद में ग्रामीण

मुलताई। बैतूल जिले की तहसील मुलताई से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर बसे ग्राम झोपड़ी के ग्रामीणों की प्यास बुझाने में दो पंचायत असमर्थ साबित हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया है कि झोपड़ी ग्राम दो पंचायत के बीच स्थित है आधा गांव चिचंडा एवं आधा गांव निंबोटी पंचायत में आता है झोपड़ी गांव के ग्रामीणों को इन दिनों पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है गांव की महिला एवं बच्चे सहित पुरुषो को भी करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर से सिर पर गुंडियो, कुप्पियों को रखकर पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्राम झोपटी में जमीनी जल स्तर की स्थिति के बारे में जानकारों ने बताया गया कि ग्राम में तो लगभग नौ सौ फीट तक पानी का कही अता पता नहीं है।

1000626268

दोनों पंचायतो के सरपंच वाटर लेवल की स्थिति को लेकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। तो सवाल यह उठता है की सरकार द्वारा पानी के लिए चलाई जा रही नलजल योजना, जल संवर्धन जैसी योजनाओं का लाभ झोपड़ी गांव के ग्रामीणों को कभी मिल पाएगा या नहीं।

ग्राम झोपड़ी के निवासी हेमराज पिपरदे ने बताया कि यहां करीब 50 घर की बस्ती है और हर घर में पशु भी है। ग्राम में एक चैकडेम भी है जो मार्च का महीने शुरू होते-होते हमेशा सूख जाता है जिसमे सिर्फ बारिश का पानी ही रहता है। झोपड़ी ग्राम एक हैंडपंप के भरोसे पानी पी रहा है लेकिन हर रोज सुबह कम से कम 10 गुंडी पानी हैंडपंप से खराब आता है जो फेंकना पड़ता है। उसके बाद भी बहुत मुश्किल से आधा गांव ही हैंडपंप से पानी भर पाता है। हैंडपंप खराब होने की स्थिति में दूसरे गांव से पानी लाना पड़ता है।

वहीं चिचंडा पंचायत के वर्तमान सरपंच अंकित कालभोर ने बताया की ग्राम झोपड़ी में मेरे कार्यकाल में 6 बोर किए गए हैं जो सुख गए हैं करीब 9सौ फीट तक बोर करने पर भी पानी नहीं मिल पाता है। निंबोटी पंचायत के सरपंच पवन शिवहरे से चर्चा करना चाह तो उनसे बात नहीं हो पाई।

समस्या का समाधान
जानकारों का कहना है कि इस ग्राम की समस्या का समाधान इस क्षेत्र के जमीनी जल स्तर को बढ़ाकर ही किया जा सकता है क्योंकि 900 फीट से पानी लाना आम आदमी के लिये असंभव है अगर क्षेत्र में डेम या तालाब निर्माण होता है तो ही यहां के जलस्तर को बढ़ाया जा सकता है।

  • Admin

    Admin

    Related Posts

    सतपुड़ा की वादियों में घूमें देवों के देव महादेव नहीं मिला बाघ, देखा सांभर, चीतल और नील गाय- बोले फिर आएंगे

    I wandered through the valleys of Satpura—the abode of Mahadev, the God of Gods—but did not find a tiger.

    Read more

    अंजुमन कमेटी के नए अध्यक्ष के रूप में अशफाक, अकरम के नाम की चर्चा

    Names of Ashfaq and Akram being discussed for the post of new President of the Anjuman Committee.

    Read more

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    राजस्थान के कोटा में बैतुल के 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत

    राजस्थान के कोटा में बैतुल के 8 लोगों की सड़क हादसे में मौत

    खनिज विभाग आर एफ टैग से रोकेगा अवैध खनन और परिवहन

    खनिज विभाग आर एफ टैग से रोकेगा अवैध खनन और परिवहन

    अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों की प्रतिभा का हुआ सम्मान, 100 से अधिक बालिकाओं ने लिया भाग

    अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों की प्रतिभा का हुआ सम्मान, 100 से अधिक बालिकाओं ने लिया भाग

    सतपुड़ा की वादियों में घूमें देवों के देव महादेव नहीं मिला बाघ, देखा सांभर, चीतल और नील गाय- बोले फिर आएंगे

    सतपुड़ा की वादियों में घूमें देवों के देव महादेव नहीं मिला बाघ, देखा सांभर, चीतल और नील गाय- बोले फिर आएंगे

    प्रदेशाध्यक्ष से भेंट कर 5 दिवसीय बैंकिंग, न्यायसंगत PLI के लिए मांगा सहयोग

    प्रदेशाध्यक्ष से भेंट कर 5 दिवसीय बैंकिंग, न्यायसंगत PLI के लिए मांगा सहयोग

    अंजुमन कमेटी के नए अध्यक्ष के रूप में अशफाक, अकरम के नाम की चर्चा

    • By Admin
    • September 29, 2026
    • 22 views
    अंजुमन कमेटी के नए अध्यक्ष के रूप में अशफाक, अकरम के नाम की चर्चा