एसई एप में दर्ज होंगी हर घर की सुविधाएं
भवन के अंदर परिवार, मूलभूत सुविधाओं का होगा डिजिटल सर्वे
आमला। आमला ब्लॉक क्षेत्र में आगामी मकानो की जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार सर्वे केवल मकानों की गिनती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर भवन के भीतर रह रहे परिवारों की विस्तृत जानकारी भी जुटाई जाएगी। प्रत्येक घर की नाली, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को एसई एप में ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। सर्वे टीम घर-घर पहुंचकर भवन की संरचना, उपयोग और उसमें निवासरत सदस्यों का विवरण लेगी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शैलेन्द्र बडोनिया ने बताया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक समान प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल एप के माध्यम से डाटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी। इससे भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक आधार तैयार होगा। जनगणना के बाद क्षेत्रवार सुविधाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

वंचित मतदाताओं की भी होगी पहचान, योजनाओं से जोड़ा जाएगा
सर्वे के दौरान यह भी दर्ज किया जाएगा कि वर्तमान में कौन-कौन से मतदाता या परिवार किन सुविधाओं से वंचित हैं। जिन घरों तक पक्की सड़क, नाली या स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं पहुंची है, उनकी अलग से सूची तैयार की जाएगी। इससे प्रशासन को विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि वंचित परिवारों की पहचान होने से उन्हें शासकीय योजनाओं से जोड़ना आसान होगा। आवास, शौचालय, जल आपूर्ति और सड़क जैसी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में तेजी आएगी। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से दोहराव और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। स्थानीय निकायों को भी क्षेत्रवार कमियों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इससे विकास कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

33 प्रश्नों में सड़क, पानी, नदी-तालाब और बावड़ी की स्थिति दर्ज होगी

जनगणना के लिए तैयार किए गए 33 प्रश्नों के फार्मेट में क्षेत्र की आधारभूत संरचना से जुड़े अहम बिंदु शामिल किए गए हैं। इसमें सड़क का प्रकार कच्चा या पक्का, जल स्रोत की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली जाएगी। साथ ही नदी, तालाब और बावड़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति भी दर्ज की जाएगी। इससे जल संरक्षण और संसाधनों के उपयोग की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर परिवारों का अलग आंकड़ा तैयार किया जाएगा। प्रशासन इन जानकारियों के आधार पर भविष्य की जल और सड़क योजनाएं तैयार करेगा। सर्वे के दौरान ली गई जानकारी को एसई एप में तुरंत अपडेट किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यह डिजिटल जनगणना क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी






