बैतूल। गर्भावस्था से संबंधित जटिलताओं का पता लगाने और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित कर सुरक्षित प्रसव करवाने प्रतिमाह 9 एवं 25 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि 25 फरवरी को जिले में आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविर में 820 गर्भवती महिलाओं की जाचं एवं 349 हाई रिस्क चिन्हित तथा 75 महिलाओं की सोनोग्राफी की गई। शिविर में महिलाओं की खून की जांच एवं जीडीएम की जांच की गई।
जिला चिकित्सालय बैतूल में आयोजित शिविर में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. भावना कवडकर द्वारा 58 गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकीय जांच की गई, जिसमें 14 गर्भवती महिलाओं को हाई रिस्क के रूप में चिन्हित किया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ वंदना धाकड़ द्वारा 75 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अम्बेडकर वार्ड शहरी क्षेत्र बैतूल में चिकित्सा अधिकारी डॉ कृष्णा मौसिक द्वारा 74 गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकीय जांच की गई, जिसमें 31 गर्भवती महिलाओं को हाई रिस्क के रूप में चिन्हित किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घोड़ाडोंगरी में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ कविता कोरी द्वारा 60 गर्भवती महिलाओं की जांच जिसमें 35 हाई रिस्क महिलाओं की जांच की गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुलताई में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ सरिता कालभोर द्वारा 73 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 41 हाई रिस्क महिलाएं पाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेहरा में चिकित्सक अधिकारी डॉ अश्विन सागरे द्वारा 96 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 26 महिलाएं हाई रिस्क पाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैंसदेही में चिकित्सा अधिकारी डॉ सरस्वती कंगाले मरकाम द्वारा 46 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 20 हाई रिस्क महिलाएं पाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहपुर में चिकित्सा अधिकारी डॉ नीलम महाजन द्वारा 65 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 20 हाई रिस्क महिलाएं पाई गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभात पट्टन में चिकित्सक अधिकारी डॉ सोनाली द्वारा 47 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 25 हाई रिस्क महिलाओं की जांच की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आठनेर में चिकित्सक अधिकारी डॉ माधुरी वहाने द्वारा 76 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 26 हाई रिस्क महिलाएं पाई गई। सिविल अस्पताल आमला में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक नरवरे एवं महिला चिकित्सक डॉ ईवान जेम्स द्वारा 71 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें हाई रिस्क 34 महिलाएं पाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमपुर में महिला चिकित्सक डॉ तरूणा काकोडिया द्वारा 90 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें 46 हाई रिस्क महिलाएं पाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चिचोली में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ शिवानी इवने द्वारा 64 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिसमें हाई रिस्क 31 महिलाएं पाई गई। शिविर का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य संस्था में आवश्यक जांचे, चिकित्सकीय परीक्षण, परामर्श और हाई रिस्क महिलाओं का उचित प्रबंधन कर संस्थागत सुरक्षित प्रसव करवाना है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।क्रमांक 118/289/02/2026







