खनिज परिवहन में मनमानी पर लगेगा अंकुश, आरएफ टैग के बिना नहीं चलेगा काम
खनिज परिवहन वाहनों को टैग लगवाने के लिए एक माह की मोहलत, एआई आधारित ई-चेकगेट से होगी निगरानी
टैग गायब या क्षतिग्रस्त मिलने पर खनिज परिवहन प्रतिबंधित, ई-खनिज पोर्टल से वाहन का पंजीयन होगा निरस्त
बैतूल। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए खनिज परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित निगरानी के दायरे में लाया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के खनिज साधन विभाग के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग ने जिले के सभी पंजीकृत खनिज परिवहन वाहनों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लगवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए वाहन स्वामियों को 7 अक्टूबर को आदेश जारी होने से लेकर एक माह की समय सीमा दी गई है। निर्धारित अवधि में टैग नहीं लगवाने वाले वाहन स्वामियों और परिवहनकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एआई तकनीक से होगी निगरानी, नियम तोड़ने वालों पर कसेगा शिकंजा
मध्यप्रदेश खनिज नियम, 2022 के तहत प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मानवरहित ई-चेकगेट प्रणाली लागू की गई है। इस तकनीक आधारित व्यवस्था का उद्देश्य खनिज परिवहन पर प्रभावी निगरानी रखना, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना तथा खनिज परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। RF टैग के माध्यम से वाहनों की पहचान ई-चेकगेट प्रणाली के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस व्यवस्था के तहत खनिज परिवहनकर्ताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। टैग लगवाने में लापरवाही बरतने अथवा टैग को क्षतिग्रस्त अवस्था में रखने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन ऑर्डर करें, निर्धारित प्रक्रिया से प्राप्त करें टैग
खनिज परिवहन वाहनों के स्वामियों को RF टैग अपने व्यय पर लगवाना होगा। इसके लिए विभागीय ई-चेकगेट पोर्टल echeckgate.mp.gov.in पर जाकर ‘Order Tag’ विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद वाहन का आवश्यक विवरण एवं पिक-अप लोकेशन दर्ज कर ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से टैग प्राप्त किया जा सकता है। वाहन स्वामियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि समय सीमा समाप्त होने पर किसी प्रकार की असुविधा या वैधानिक कार्रवाई की स्थिति निर्मित न हो।
टैग गायब या क्षतिग्रस्त मिला तो परिवहन पर रोक
जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में RF टैग नहीं लगवाने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वाहन पर टैग अनुपस्थित होने अथवा क्षतिग्रस्त पाए जाने की स्थिति में खनिज परिवहन प्रतिबंधित रहेगा। नियमों की अवहेलना पर संबंधित वाहन का ई-खनिज पोर्टल पर पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा सकेगा।
समय सीमा में पालन करने की अपील
खनिज अधिकारी मनीष पलेवार ने जिले के सभी खदान पट्टाधारकों, भंडारणकर्ताओं और खनिज परिवहनकर्ताओं से एक माह के भीतर अपने वाहनों पर आरएफ टैग लगवाने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना सभी संबंधितों की जिम्मेदारी है।
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वाहन मालिक घर बैठे ले सकेंगे टैग आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना टैग ऑर्डर कर सकते हैं:
- सबसे पहले विभागीय आधिकारिक वेबसाइट MP e-Checkgate Portal पर जाएं।
- होमपेज पर दिए गए ‘Order Tag’ विकल्प का चयन करें।
- अपने वाहन का आवश्यक विवरण (Vehicle Details) और पिक-अप लोकेशन दर्ज करें।
- ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आपको टैग जारी कर दिया जाएगा।
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इस नई व्यवस्था की ये कुछ मुख्य बातें और नियम
- फ्रंट विंडस्क्रीन पर अनिवार्य टैग: वाहन चालकों को यह आरएफ टैग गाड़ी के सामने वाले शीशे (विंडशील्ड) पर लगाना होगा।
- मानव-रहित ई-चेकगेट से निगरानी: प्रदेश के विभिन्न जिलों और मार्गों पर आधुनिक AI-आधारित ई-चेकगेट स्थापित किए गए हैं। इन गेटों पर लगे वेरीफोकल कैमरे, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) और RFID रीडर वाहन के निकलते ही उसकी पूरी जानकारी स्वतः ही दर्ज कर लेंगे।
- गड़बड़ियों पर तुरंत एक्शन: यदि कोई वाहन बिना ई-टीपी (E-Transit Pass), ओवरलोडिंग या नंबर प्लेट छिपाकर खनिज ले जाता है, तो यह डिजिटल सिस्टम तुरंत विसंगतियों को पकड़कर ऑनलाइन दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर देगा। नियमों के गंभीर उल्लंघन पर वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द या गाड़ी जब्त भी की जा सकती है।
- एक महीने की मोहलत: विभाग ने वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं को अपने वाहनों में आरएफ टैग लगवाने के लिए एक महीने का समय दिया है।






