बैतूल/चिचोली। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में देशभर में साधनाओं का दौर चल रहा है। गायत्री जयंती से गुरु पूर्णिमा तक अनेक साधक अनुष्ठान कर रहे हैं। इसी कड़ी में चिचोली जिला बैतूल में जिला स्तरीय एकदिवसीय मौन साधना का आयोजन किया गया। जिसमें मानसिक रूप से गायत्री मंत्र का जाप किया।
उपजोन सिवनी के सौसर से पधारे उपजोन साधना आंदोलन प्रभारी नरेंद्र हिंगवे, शिवाजी ठाकरे, चित्रसेन रबडे व राजकुमार पालीवाल ने विधि विधान से पूजन कराकर मौन साधना का शुभारंभ कराया तथा परिजनों को मौन साधना के महत्व से अवगत कराया। जिला स्तरीय मौन साधना में बैतूल जिले की समस्त तहसीलों से तहसील प्रभारी के साथ अन्य परिजन भी उपस्थित हुए। जिला समन्वय समिति के मार्गदर्शन में समस्त तहसीलों में इसी प्रकार साधनाएं करवाने का आह्वान किया गया।

जिला समन्वयक रवि शंकर पारखे ने सभी तहसील समन्वयको और परिजनों को साल भर चलने वाले अभियानों से परिचित कराया एवं कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रति माह समय पर प्रेषित करने के निर्देश दिए व गुरु पूर्णिमा पर्व पर विद्यारंभ संस्कार स्कूलों में आयोजित करने की बात कही। प्रत्येक तहसील के 24 गांवों में गायत्री परिवार की गतिविधियों के संचालन की योजना बनाने का आह्वान किया।
जिला साधना प्रभारी ने बताया कि आज 135 से अधिक साधकों ने शिविर में भाग लिया।

बाल संस्कारशाला प्रभारी अजय पवार ने प्रत्येक तहसील में 10-10 बाल संस्कार शालाएं खुलवाने के लिए प्रेरित किया ताकि जिले के लक्ष्य को पूरा किया जा सके युवा प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक अनूप वर्मा ने सुपर 100 कार्यक्रम के लिए प्रत्येक विकासखंड एवं तहसील से युवाओं को खोज कर निकालना एवं उन्हें प्रशिक्षित करने हेतु मार्गदर्शन दिया वरिष्ठ परिजन रोशन लाल पटैया ने अपने पूर्व अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन दिया। जिला सह समन्वयक राजकुमार पालीवाल ने नियमित रूप से साधना करने का सुझाव दिया गणपति गायकवाड ने निकट भविष्य में कन्या कौशल शिविर आयोजित करने हेतु सुझाव दिए। चिचोली तहसील प्रभारी रजनी सोनी ने सभी का आभार व्यक्त किया। मौन साधना शिविर में स्थानीय परिजनों का सहयोग सराहनीय रहा।







