दूषित पानी पीने से दो बच्चों की हो चुकी थी मौत कई लोग खुजली से थे पीड़ित
25 साल बाद प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग पर किया गौर अब तक झिरिया का पानी पी रहे थे ग्रामीण
धन्यवाद राष्ट्रभूमि की आवाज दानवाखेडा के ग्रामीणजन ने कहा
बैतूल। घोड़ाडोंगरी ब्लाक के आदिवासी गांव दानवाखेड़ा में शुक्रवार को हैंडपंप खोदने के लिए बोरिंग मशीन पहुंची। करीब 25 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रशसन के माध्यम से गांव में पीने के पानी की मूलभूत सुविधा हो सकेगी। बोरिंग होने से गांव में खुशी का माहौल है।

श्रमिक आदिवासी संगठन के राजेन्द्र गढ़वाल, अनुराग मोदी ने इसे आम व्यक्ति के अधिकार की जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि गांव की एकता के कारण मांग पूरी हो सकी है। उल्लेखनीय है कि दानवाखेड़ा गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से साफ पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। गांव की झरिया का पानी पीने से लोग बीमार हो रहे थे।
ग्रामीणों का एक दल गत 20 जनवरी को श्रमिक आदिवासी संगठन एवं समाजवादी जन परिषद के नेतृत्व में उपजिला दंडाधिकारी एवं अतिरिक्त कलेक्टर से मिलकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपें गए थे।
इसमें ग्रामीणों ने बताया था कि दूषित पानी के कारण 2 माह से गांव के लोग खुजली के प्रकोप से जूझ रहे थे।
इस पर प्रशासन ने साफ पीने के पानी की व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया था।
श्रमिक आदिवासी संगठन के राजेन्द्र गढ़वाल ने बताया कि प्रशासन के आश्वासन के बावजूद भी यहां अभी तक हैण्ड पंप भी नहीं लग पाया है।
20 जनवरी से अब तक प्रशासन वन विभाग से अनुमति लेने की बात कर टाल मटोल कर रहा था।
सजप के अनुराग मोदी ने बताया कि यहां दूषित पानी के चलते आने वाले माहों में भयंकर बीमारी फैल सकती है। इस मुद्दे को दिसम्बर माह की शुरुवात में ही प्रशासन की जानकरी में लाया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने गाँव का दौरा किया और साफ पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए गाँव में हैण्डपंप खोदने का ग्रामीणों को आश्वासन भी दिया था। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से खुदाई हेतु ट्रक पहुँच मार्ग श्रमदान से तैयार करने के लिए कहा। उसके बाद ग्रामीणों द्वारा सड़क का निर्माण कार्य पूरा किए हुए 1 माह से ज्यादा का समय बीत चुका था, लेकिन अभी तक हेंडपंप खुदाई का कार्य शुरू नहीं किया गया था।

दूषित पानी के चलते विगत 2 माह से यह गाँव खुजली के प्रकोप से पीड़ित है, इसमें 2 नन्हे-मुन्ने बच्चों की मौत भी हो गई थी। हाल ही में गांव के दो दर्जन बच्चों समेत अन्य लोगो के बीमार होने पर शुक्रवार को प्रशसन ने यहां पर बोरिंग मशीन भेजी। अब यहां हैंडपंप लग जाने से ग्रामीणों को दूषित पानी से निजात मिल जाएगी।

दानवाखेडा के ग्रामीणों ने राष्ट्रभूमि की आवाज का धन्यवाद दिया है कि उनकी समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित कर प्रशासन को होश में लाया।







