बैतूल 25 फरवरी ।।बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर प्लॉट बेचने के गंभीर आरोपों का मामला अब प्रदेश की सर्वोच्च पंचायत तक पहुंच गया है। बुधवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार से अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा मांगा। इस दौरान विधायक ने न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी की स्थिति पर सवाल खड़े किए, बल्कि इस पूरे मामले में राजस्व, पुलिस और नगर प्रशासन की भूमिका पर भी जवाबदेही तय करने की मांग की।विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक देशमुख ने कहा कि मुलताई क्षेत्र में रामदेव बाबा बार्को डेवलपर्स एंड कॉलोनाइजर्स द्वारा कथित रूप से सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट बेचे गए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस गंभीर मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका की जांच की गई है।
मंत्री का जवाब: आरोपी अब भी फरार, दबिश जारीसरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि इस मामले में मुलताई थाने में 1 सितंबर 2024 को अपराध क्रमांक 639/24 दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। मंत्री ने बताया कि पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही है और गिरफ्तारी के लिए नागपुर, अमरावती सहित कई स्थानों पर दबिश दी गई है, लेकिन आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि गिरफ्तारी के बाद जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाएगी।हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामलासरकार ने यह भी जानकारी दी कि संबंधित कॉलोनाइजर ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसके कारण मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। मंत्री ने कहा कि अभी तक किसी भी शासकीय अधिकारी की लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।बैतूल बना अवैध प्लॉटिंग का केंद्र, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
मुलताई का यह मामला कोई एकलौती घटना नहीं है, बल्कि बैतूल जिले में अवैध प्लॉटिंग और सरकारी जमीनों की बिक्री का सिलसिला लंबे समय से जारी है। जिला मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों में कॉलोनाइजरों द्वारा कॉलोनियों के आसपास की सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के विधानसभा क्षेत्र में भी कलेक्टर की जनसुनवाई में इस तरह की कई शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक किसी बड़े स्तर की कठोर कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शहर के हाथी नाले की सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का अभाव दिखाई दे रहा है।Your Attractive Heading
टीएनसीपी और रेरा की अनुमति के बिना बन रहीं कॉलोनियां
चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में दर्जनों कॉलोनियां टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) और रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की अनुमति के बिना ही विकसित की जा रही हैं। नियमों की अनदेखी कर बनाई जा रही इन कॉलोनियों में लोगों ने जीवन भर की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदे, लेकिन अब उन्हें मकान निर्माण के लिए बैंक से ऋण भी नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि इन कॉलोनियों की वैधानिक स्थिति संदिग्ध है।






