बैतूल की सड़कों पर विन्टेज कारो के साथ निकाला चल समारोह
अब 22 को दतिया में होगा जैनेश्वरी दीक्षा समारोह
बैतूल। सिविल जज के लिए चुनी जाने वाली व सीए समेत फाइन आर्ट्स और पाक कला में मास्टर डिग्री हासिल करने वाली इन पाँच बेटियों ने दुनिया के वैभव को छोड़कर संयम, त्याग और अहिंसा का मार्ग चुना है। इन बेटियों में पहली भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में कार्यरत जिनेंद्र कुमार जैन एवं उनकी धर्म पत्नी ज्योति जैन की एकमात्र पुत्री प्रखरश्री भी शामिल हैं, जिन्होंने बीए, एलएलबी और एलएलएम में शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही लंदन एलसीएस से इकानॉमिक में गोल्ड मेडलिस्ट है।

प्रखरश्री सिविल जज के पद पर चयनित होने के बावजूद उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर जैन धर्म की कठिन दीक्षा लेने का दृढ़ संकल्प लिया है। उनके इस निर्णय पर माता-पिता ने भी सहर्ष अनुमति प्रदान की है।

प्रखर दीदी सहित कुल पांच ब्रह्मचारिणी दीदियों की दीक्षा से पहले गोद भराई और बिनौली समारोह 1 नवंबर रविवार को बैतूल के जैन दादावाड़ी में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर सकल जैन समाज जिला बैतूल द्वारा भव्य चल समारोह का आयोजन भी किया गया। सबसे पहले सुबह 8 बजे पांचों दीदियां लिंक रोड स्थित जिनेंद्र कुमार जैन के आवास से विंटेज कारो की रैली में सवार होकर श्रीशांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बैतूलगंज पहुंची। वहां पर धार्मिक रीति रिवाज होने के बाद फिर दोपहर 12 बजे से जैन मंदिर, बैतूलगंज से विशाल शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में घोड़े पर सवार छोटी-छोटी बेटियों के साथ, घोड़ा बग्गी, बाजे-गाजे से चल समारोह निकला। जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। इसमें विंट्रेज कारो पर सवार भावी जैन साध्वी बेटियां सभी के आकर्षण का केंद्र रही।
इन बेटियों ने चुना संयम
बैतूल की बेटी प्रखरश्री दीदी सहित पांच उच्च शिक्षित बहने दीक्षा लेगी। इनमें सिविल जज के लिए चयनित और लंदन से इकानामिकस में गोल्ड मेडलिस्ट प्रखरश्री, दूसरी रंगोली दीदी यह चार्टर्ड अकाउंटेंट है। तीसरी सोनम दीदी ने एमए के साथ फाइन आर्ट्स किया है। चौथी चेतना दीदी पाक कला विशेषज्ञ है। पांचवी ब्रह्मचारिणी गिरजा दीदी है, जो आध्यात्मिक साधना एवं वैराग्य के पथ की साधिका है।
इन पांचों बहनों की विशेषता यह है कि इन्होंने शिक्षा, प्रतिभा एवं सांसारिक उपलब्धियों के शिखर पर पहुंचने की संभावनाओं के बावजूद आत्मकल्याण को अपने जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाया है।

लोग बोले-समाज परिवार के लिए यह गौरव के पल
जैन समाज के रानू लुनिया ने कहा कि बैतूल की धरती के लिए यह अत्यंत गौरव, हर्ष और आध्यात्मिक पुण्योदय का ऐतिहासिक अवसर है कि बैतूल की बेटी बा. ब्र. प्रखरश्री दीदी सहित पांच उच्च शिक्षित एवं प्रतिभाशाली बहनें सांसारिक सुख-सुविधाओं, वैभव और मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण एवं मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का विशेष आकर्षण बैतूल की बेटी प्रखरश्री है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बीए, एलएलबी, एलएलएम के साथ ही लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एल.ई.सी.) लंदन, यूके से गोल्ड मेडलिस्ट, चयनित सिविल जज हैं। इतनी उच्च शैक्षणिक योग्यता एवं उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं के बावजूद उन्होंने सांसारिक जीवन के आकर्षणों से ऊपर उठकर संयम, तपस्या और आत्मसाधना का मार्ग चुना है। इस अवसर पर समाज के नवीन तातेड़ ने कहा कि बैतूल की इस प्रतिभाशाली बेटी का वैराग्य की ओर बढ़ता कदम, न केवल परिवार, बल्कि संपूर्ण बैतूल जिला एवं समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। यह बैतूल की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करने वाला अवसर है।

दतिया में होगी पूर्ण जैनेश्वरी निर्वाण दीक्षा
समाज के सचिन जैन ने बताया कि आगामी 22 नवंबर 26 को श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिरि (जिला दतिया, मध्यप्रदेश) में जैनेश्वरी निर्वाण दीक्षा अंगीकार का कार्यक्रम कर इन बेटियों को साध्वी के संयमित जीवन में प्रवेश करवाया जाएगा।







